कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल का हेलिकॉप्टर निर्धारित हेलीपैड के बजाय एक व्यस्त कार पार्किंग में लैंड ,वीवीआईपी सुरक्षा को लेकर फिर से चिंता बड़ी।

  • कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल का हेलिकॉप्टर निर्धारित हेलीपैड के बजाय एक व्यस्त कार पार्किंग में लैंड ,वीवीआईपी सुरक्षा को लेकर फिर से चिंता बड़ी।

पुणे : पुरंदर में महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती समारोह के दौरान एक बड़ा विमानन हादसा टल गया। महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल का हेलिकॉप्टर निर्धारित हेलीपैड के बजाय एक व्यस्त कार पार्किंग में लैंड कर गया। पुणे प्रशासन ने पुरंदर में कार्यक्रम स्थल के पास एक विधिवत हेलीपैड तैयार किया था। हालांकि, पायलट ने उसे नजरअंदाज कर वहां से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित एक कार पार्किंग को लैंडिंग साइट समझ लिया। जिस समय हेलिकॉप्टर नीचे आया, वहां कई गाड़ियां कतार में खड़ी थीं, जिससे रोटर टकराने का बड़ा जोखिम पैदा हो गया था। घटना के बाद छगन भुजबल ने मीडिया से बात करते हुए स्थिति को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि हम सभी पूरी तरह सुरक्षित हैं और कोई हादसा नहीं हुआ है। पायलट को हेलीपैड दिखाई नहीं दे रहा था, इसलिए उन्होंने सुरक्षित लैंडिंग के लिए पार्किंग एरिया को चुना। पुणे ग्रामीण पुलिस ने इस घटना को ‘जोखिम भरी लैंडिंग’ करार दिया है। अधिकारियों के अनुसार, पीडब्ल्यूडी (PWD) और पुलिस ने क्रू को पहले ही ब्रीफ किया था, लेकिन उन्होंने निर्देशों का पालन नहीं किया। पुलिस अब इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट नागरिक उड्डयन महानिदेशालय को सौंपने वाली है, जिसके बाद पायलट का लाइसेंस रद्द या निलंबित हो सकता है। प्रारंभिक जांच में इसे मानवीय भूल माना जा रहा है। पार्किंग स्थल पर खाली जगह देखकर पायलट ने भ्रमवश उसे ही लैंडिंग स्पॉट मान लिया। लैंडिंग के वक्त उठे धूल के भारी गुबार और आसपास मौजूद लोगों द्वारा बनाए गए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जो खतरे की गंभीरता को दर्शाते हैं। इस घटना ने महाराष्ट्र में वीवीआईपी (VVIP) सुरक्षा को लेकर फिर से चिंता बढ़ा दी है। गौरतलब है कि इसी साल 28 जनवरी 2026 को बारामती में एक चार्टर प्लेन क्रैश में उपमुख्यमंत्री अजित पवार की दुखद मृत्यु हो गई थी। उस हादसे के बाद से राज्य में नेताओं के हवाई सफर के लिए कड़े प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं, जिनका इस मामले में उल्लंघन होता दिखा है।