हर स्टेशन पर मराठी साहित्य के स्टॉल लगाए जाएँ – श्रीकांत शिंदे की मांग ।

  • सभी लोकल ट्रेनों के डिब्बे १५ डिब्बा किया जाए – श्रीकांत शिंदे की लोकसभा में मांग ।
  • हर स्टेशन पर मराठी साहित्य के स्टॉल लगाए जाएँ – श्रीकांत शिंदे की मांग ।

नवी दिल्ली : शिवसेना के संसदीय दल के नेता डॉ श्रीकांत शिंदे ने लोकसभा में रेलवे को लेकर चल रही चर्चा पर अपनी भूमिका रखते हुए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार का ध्यान केंद्रित करते हुए कहा की जी तरह से नरेंद्र मोदी की सरकार ने रेलवे को जो गति दी है वो पिछली सरकार के कार्यकाल में कभी नहीं हुआ था। लोकसभा में चर्चा करते हुए श्रीकांत शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और रेल मंत्री का धन्यवाद करते हुए कह की २०१४ की रेल की परिस्थिति और उसके बाद की परिस्थिति आज पूरा देश देख रहा है। आम आदमी के लिए रेलवे का सफर सिर्फ स्टेशन का सफर नहीं बल्कि उनके जीवन का संघर्ष है , उनके सपने , उम्मीदों और अजीविका का सहारा रेलवे है। में जहां से आता हु कल्याण से वहा लाखों लोग रेलवे से सफर करते है। मेट्रोपोलिटियन सिटी के लोग सफर के लिए पूरी तरह से रेलवे पर निर्भर रहते है। कल्याण लोकसभा क्षेत्र की परिस्थिति २०१४ के बाद बदली है में सभी रेल मंत्रियों का धन्यवाद देता हु जिसमे पूर्व रेल मंत्री सुरेश प्रभु , पियूष गोयल और अब के मंत्री अश्विनी वैष्णव जी है जिन्होंने रेलवे पर ध्यान देने का काम किया है और ज्यादा से ज्यादा फंड दिया है ,मेरे लोकसभा क्षेत्र में लगभग ५ से ६ हजार करोड़ का काम हुआ है जिसके लिए में उनका में धन्यवाद करता हु। कल्याण लोकसभा क्षेत्र में कई कठिनाई थी ५ और ६ लाइन यहाँ नहीं हो रही थी और १५ साल से लोग इसका इंतजार कर रहे थे , प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनते ही यह लाइन पूरी हो चुकी है और लोग सफर कर रहे है। श्रीकांत शिंदे ने रेल मंत्री से निवेदन करते हुए कहा कि जैसे ठाणे से कल्याण के बीच पाँचवीं और छठी रेलवे लाइन का काम पूरा हुआ है और कल्याण से अंबरनाथ के बीच तीसरी और चौथी लाइन का काम शुरू हुआ है, यह बहुत महत्वपूर्ण है। लेकिन लोगों को और ज्यादा सुविधा देने के लिए ठाणे से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसटी) के बीच रुका हुआ पाँचवीं और छठी लाइन का काम भी जल्द पूरा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस काम में जमीन अधिग्रहण और झुग्गी-झोपड़ियों के पुनर्वास की समस्या आ रही है। इसलिए रेल मंत्री को राज्य सरकार और एसआरए के साथ मिलकर जल्दी एक अच्छी नीति बनानी चाहिए, ताकि यह काम तेजी से पूरा हो सके। श्रीकांत शिंदे ने यह भी कहा कि इन इलाकों में रहने वाले लोगों को रेलवे की तरफ से रोज नोटिस दिए जा रहे हैं, जबकि वे पिछले ३० – ४० सालों से वहाँ रह रहे हैं। ऐसे में उन्हें अचानक हटाना सही नहीं है। इसलिए सरकार को ऐसी नीति बनानी चाहिए, जिससे रेलवे को जमीन भी मिले और लोगों का सही तरीके से पुनर्वास भी हो सके। इससे लंबे समय से रुके हुए रेलवे के काम भी जल्दी पूरे हो पाएंगे। श्रीकांत शिंदे ने लोकसभा में महात्मा गांधी द्वारा लिखे गए लेख का उल्लेख करते हुए कहा कि १९१६ में महात्मा गांधी जी ने “थर्ड क्लास इन इंडियन रेलवे” नाम से एक लेख लिखा था, जिसमें उन्होंने रेलवे की खराब स्थिति पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा कि करीब ११० साल बाद भी २०१४ तक हालात लगभग वैसे ही थे और लोगों को गंदगी व बदबू का सामना करना पड़ता था। लेकिन आज हमारी सरकार ने रेलवे की तस्वीर बदलने का काम किया है और अब वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें पूरे देश में चल रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि रेलवे सिर्फ ट्रैक ही नहीं बिछा रही, बल्कि नए रिकॉर्ड भी बना रही है। जम्मू-कश्मीर में बना चिनाब रेलवे पुल दुनिया का सबसे ऊँचा रेलवे पुल है, जो एफिल टॉवर से भी ऊँचा है। यह हमारे देश के लिए गर्व की बात है। महाराष्ट्र में १ लाख ७० हजार करोड़ का काम हो रहा है , २००९ से लेकर २०१४ तक सिर्फ एक हजार करोड़ का आवंटन होता था आज २०२६ – २७ में २३ हजार करोड़ का आवंटन हो रहा है सिर्फ महाराष्ट्र में इसलिए रेल मंत्री का धन्यवाद करता हु। कल्याण लोकसभा क्षेत्र का सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेस्ट कल्याण यार्ड रीमॉडलिंगके लिए ८०० करोड़ का आवंटन किया है इसके लिए धन्यवाद करता हु। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) देश के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण परियोजना है। वर्तमान में जो मालगाड़ियाँ लोकल पटरियों पर चल रही हैं, DFC बनने के बाद उनके लिए अलग ट्रैक उपलब्ध हो जाएगा। इससे लोकल ट्रैक खाली होंगे और उन पर अधिक संख्या में लोकल ट्रेनें चलाई जा सकेंगी। पिछली सरकार के समय यह काम धीमी गति से चल रहा था, लेकिन अब डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का कार्य लगभग १००प्रतिशत पूरा हो चुका है। मेरे चुनाव क्षेत्र में लगभग ८० प्रतिशत लोग ट्रेन से सफर करते हैं। ऐसे में मेरा निवेदन है कि सभी ट्रेनों में १५डिब्बे किए जाएँ तथा सभी प्लेटफार्मों की लंबाई बढ़ाई जाए। इसके अलावा, दिवा से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसटी) तक नई ट्रेन सेवा शुरू की जाए, कोपर खैराने से वसई तक ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाए, ऐरोली-कलवा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना की गति तेज की जाए। हर स्टेशन पर मराठी साहित्य के स्टॉल लगाए जाएँ, कोंकण रेलवे के दोहरीकरण (डबलिंग) का कार्य जल्द पूरा किया जाए, कोंकण रेलवे की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जाए तथा वरिष्ठ नागरिकों और पत्रकारों को मिलने वाली जो सुविधाएँ बंद कर दी गई हैं, उन्हें जल्द से जल्द पुनः शुरू किया जाए।