विजय संभव फाउंडेशन ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर असहाय वृद्ध महिलाओं के बीच आशा और अपनापन बांटा 
हिन्द सागर@रवि राजहंस, बेंगलुरू: विजय संभव फाउंडेशन ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर संध्या सुरक्षा – असहाय वृद्ध महिलाओं के लिए आश्रय गृह में एक संवेदनशील सामाजिक पहल का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन वृद्ध महिलाओं के बीच अपनापन, सम्मान और साथ का एहसास कराना था, जो जीवन के इस पड़ाव पर अक्सर अकेलेपन का सामना कर रही हैं।आश्रय गृह में रहने वाली कई महिलाएँ ऐसी हैं जो अपने परिवार से बिछड़ चुकी हैं या किसी कारणवश परिजनों द्वारा छोड़ दी गई हैं। फाउंडेशन के इस प्रयास के माध्यम से उन्हें यह महसूस कराया गया कि वे अकेली नहीं हैं और विजई संभव फाउंडेशन परिवार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने महिला दिवस के उपलक्ष्य में विशेष भोजन प्रायोजित कर स्वयं परोसा और वहाँ रह रही माताओं को गर्म और आरामदायक नाइटियाँ भेंट कीं। इस अवसर पर सभी ने उनके साथ समय बिताया, बातचीत की और खुशियों के कुछ यादगार पल साझा किए।
इससे पहले फाउंडेशन द्वारा यहाँ एक नेत्र जाँच शिविर भी आयोजित किया गया था, जिसमें 160 से अधिक लाभार्थियों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए तथा रक्तचाप, शुगर और बीएमआई की जाँच भी की गई।कार्यक्रम में सक्रिय रूप से सहयोग देने वाले स्वयंसेवकों में रवि, सोनल, विजय, वीणा, संध्या, श्वेता, सुषमा, जॉन, कैरल और रश्मि शामिल थे।
फाउंडेशन के सदस्यों का कहना है कि वृद्ध महिलाओं की मुस्कान और उनके दिल से निकली दुआओं ने इस पहल को बेहद भावनात्मक और सार्थक बना दिया। यह पहल समाज में बुजुर्गों के प्रति संवेदनशीलता, सम्मान और देखभाल के महत्व को भी उजागर करती है।