- शिकायतकर्ता की हत्या के बाद अवैध निर्माण पर चला केडीएमसी का हथौड़ा ।
डोंबिवली : खंबालपाड़ा क्षेत्र कांचन गांव में मनोहर शेलार के विवादित अवैध निर्माण पर आखिरकार कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (केडीएमसी) ने कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चला दिया। यह कार्रवाई प्रभाग के सहायक आयुक्त प्रसाद ठाकुर के नेतृत्व में की गई।गौरतलब है कि 26 मई को खंबालपाड़ा इलाके में प्रताप चौधरी की उनके पड़ोसी रोहित शेलार द्वारा घर में घुसकर हत्या किए जाने की सनसनीखेज घटना सामने आई थी। इस मामले में टिलकनगर पुलिस ने आरोपी रोहित शेलार को गिरफ्तार किया है। मृतक की पत्नी नेहा चौधरी ने आरोप लगाया था कि अवैध निर्माण की शिकायत करने के कारण ही उनके पति की हत्या की गई। उनका कहना था कि यदि महानगरपालिका प्रशासन ने शिकायत पर समय रहते कार्रवाई की होती तो उनके पति की जान बच सकती थी। नेहा चौधरी ने हत्या के लिए केडीएमसी और पुलिस प्रशासन को भी जिम्मेदार ठहराया था। नेहा चौधरी ने मनोहर शेलार के अवैध निर्माण की शिकायत महानगरपालिका से की थी। आरोप है कि इसी शिकायत से नाराज होकर प्रताप चौधरी की हत्या की गई। इस मामले ने अवैध निर्माण और प्रशासनिक उदासीनता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए थे। इस घटना के बाद केडीएमसी प्रशासन हरकत में आई। जिसके कारण अतिरिक्त आयुक्त योगेश गोडसे एवं उपायुक्त प्रसाद बोरकर के निर्देश पर सहायक आयुक्त प्रसाद ठाकुर ने मनोहर शेलार को नोटिस जारी कर निर्माण की वैधता से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इसके लिए 10 जून को सुनवाई निर्धारित की गई थी। हालांकि शेलार सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए और न ही कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत कर सके।दस्तावेजों के अभाव में महानगरपालिका ने निर्माण को अवैध घोषित कर दिया और उसके खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी। प्रशासन की इस कार्रवाई को हत्या प्रकरण के बाद बढ़े जनदबाव से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
