- विधान परिषद नतीजों के बाद महायुति में घमासान, एकनाथ शिंदे ने बुलाई आपात बैठक, नेताओं को निर्देश – विवाद न बढ़ाएं
मुंबई : विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद महायुति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है। इसे गंभीरता से लेते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना नेताओं, प्रवक्ताओं और पदाधिकारियों को विवाद न बढ़ाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। 5 में से महायुति को सिर्फ 2 सीटें मिलीं, जबकि महाविकास अघाड़ी ने 3 सीटें जीतीं। हार के बाद भाजपा और शिंदे सेना में तनाव बढ़ गया है। भाजपा नेताओं ने हार का ठीकरा शिंदे सेना पर फोड़ा है, जिससे दोनों दलों के स्थानीय नेताओं में जुबानी जंग शुरू हो गई है।
गुरुवार को हुई बैठक में शिंदे ने कहा, ‘दोस्ती में कुश्ती नहीं होनी चाहिए’। इस नतीजे का महायुति के तौर पर आत्ममंथन कर गलतियों को न दोहराने की हिदायत दी। साथ ही कहा कि गठबंधन में दरार न आए और हमारे विवाद का फायदा विपक्ष को न मिले, इसका ध्यान रखें। शिंदे ने स्थानीय पदाधिकारियों से इस चुनाव में महायुति के तौर पर काम करते हुए कहां चूक हुई, इसकी विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इस पर महायुति की समन्वय समिति और वरिष्ठ नेताओं की बैठक में चर्चा होगी। प्रवक्ता और पदाधिकारी मीडिया में सहयोगी दल पर टिप्पणी न करें, टकराव टालें और एकजुट होकर काम करें। सबसे प्रतिष्ठित मानी जाने वाली पुणे स्नातक सीट पर शरद पवार की एनसीपी की उम्मीदवार हर्षदा देशमुख ने भाजपा की स्मिता जाधव को 9,928 वोटों से हराया। भाजपा लगातार तीन बार यह सीट जीतती आई थी। महायुति में रहते हुए भी हार के बाद भाजपा नेताओं ने शिवसेना को निशाने पर लेना शुरू कर दिया था, जिस पर अब शिंदे ने विराम लगाने की कोशिश की है।

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