टायकुन गोल्ड एवेन्यू’ पुनर्विकास प्रोजेक्ट में 176 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में खड़कपाड़ा पुलिस ने बिल्डर श्रीकांत शितोले, चेतन सराफ, महेश गोसावी समेत अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज ।

  • टायकुन गोल्ड एवेन्यू’ पुनर्विकास प्रोजेक्ट में 176 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में खड़कपाड़ा पुलिस ने बिल्डर श्रीकांत शितोले, चेतन सराफ, महेश गोसावी समेत अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज ।
कल्याण : कल्याण (पश्चिम) के ‘टायकुन गोल्ड एवेन्यू’ पुनर्विकास प्रोजेक्ट में 176 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में खड़कपाड़ा पुलिस ने बिल्डर श्रीकांत शितोले, चेतन सराफ, महेश गोसावी समेत अन्य लोगों के खिलाफ 29 सितम्बर 2026 को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5), 316(2) और 318(4) के तहत FIR दर्ज की है। आरोपियों ने सोसायटी की जमीन गिरवी रखकर निवासियों और फ्लैट खरीदारों के साथ 176 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। सीनियर सिटिजन नंदा म्हात्रे की शिकायत पर यह FIR दर्ज हुई है। FIR (नंबर-0499/2026) के अनुसार कल्याण के चिकनघर इलाके में सर्वे नंबर 22 पर म्हाडा की MIG योजना के तहत शांतिदूत सहकारी गृहनिर्माण संस्था लिमिटेड के पुनर्विकास का काम टायकून अवंती  प्रोजेक्ट्स LLP को दिया गया था। यह टायकून रियल्टीज LLP और सिकॉम रियल्टी लिमिटेड का संयुक्त उपक्रम है। 66 वर्षीय नंदा प्रभाकर म्हात्रे ने 29 अगस्त 2021 को प्रोजेक्ट की ‘ए’ विंग की 11वीं मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर 1101 के लिए 39 लाख 36 हजार 69 रुपये का भुगतान किया था। श्रीकांत शितोले ने जुलाई 2025 तक फ्लैट का पजेशन देने का वादा किया था लेकिन आजतक उन्हें पजेशन नहीं दिया। नंदा म्हात्रे का कहना है कि श्रीकांत शितोले ने प्रोजेक्ट का निर्माण केवल 10वीं मंजिल तक किया और इसके बाद काम अधूरा छोड़ दिया। साथ ही साल 2022 से प्रोजेक्ट बंद कर दिया। इसके चलते पुराने निवासियों के साथ-साथ नए फ्लैट खरीदारों के सामने भी अपने घर का पजेशन मिलने का संकट खड़ा हो गया। श्रीकांत शितोले को दी गयी पॉवर ऑफ अटॉर्नी का दुरुपयोग कर सोसायटी की जमीन बैंक के पास गिरवी रखने का गंभीर आरोप है। FIR में कहा गया है कि इस लेन-देन के कारण सोसायटी के निवासी और फ्लैट खरीदार आर्थिक परेशानी में फंस गए हैं।
FIR में आरोप लगाया गया है कि शांतिदूत सहकारी गृहनिर्माण संस्था के 184 सदस्यों और सैकड़ों अन्य फ्लैट खरीदारों से मिलाकर 176 करोड़ रुपये से अधिक की रकम ली गई। सेवानिवृत्त शिक्षिका नंदा म्हात्रे का दावा है कि पजेशन, पुनर्विकास और आर्थिक लेन-देन को लेकर किए गए वादे श्रीकांत शितोले ने पूरे नहीं किए।