- पारंपरिक जागरण-गोंधळ के साथ डोंबिवली में शारदीय नवरात्रोत्सव का समापन, सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे रहे मौजूद ।
- रात 2 बजे से सुबह 6 बजे तक चला भक्तिमय सोहळा, तुलजाभवानी के जयघोष से गूंजा परिसर
डोंबिवली : सनातन संस्कृति की विरासत को संजोते हुए पारंपरिक जागरण-गोंधळ के भक्तिमय आयोजन के साथ डोंबिवली में शारदीय नवरात्रोत्सव का समापन हुआ। सांसद डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे की संकल्पना से डॉ. श्रीकांत शिंदे फाउंडेशन और श्री नवदुर्गा युवा मंडल द्वारा आयोजित इस नवरात्रोत्सव की अंतिम रात में सांसद डॉ. शिंदे ने स्वयं जागरण-गोंधळ में शामिल होकर मां तुलजाभवानी का जागर किया।
रात 2 से सुबह 6 बजे तक चला भक्ति का सैलाब
रात 2 बजे शुरू हुआ यह कार्यक्रम सुबह 6 बजे तक पूरे उत्साह के साथ चलता रहा। संबळ की थाप, पारंपरिक नृत्य, दिवटियों की रोशनी और आई तुलजाभवानी के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर डोंबिवली के हजारों नागरिक और श्रद्धालु बड़ी संख्या में मौजूद रहे। महाराष्ट्र की समृद्ध लोकसंस्कृति का अहम हिस्सा माना जाने वाला जागरण-गोंधळ देवी आराधना, लोककला और सामूहिक श्रद्धा का सुंदर संगम है। आधुनिकता के दौर में भी इस परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से इस आयोजन को किया गया था।
सूखे की स्थिति को देखते हुए सादगी से मनाया उत्सव
इस साल राज्य में सूखे की स्थिति को ध्यान में रखते हुए हर साल होने वाले रास-रंग दांडिया महोत्सव को रद्द कर शारदीय नवरात्रोत्सव को सादगी के साथ लेकिन उतने ही भक्तिभाव से मनाया गया। इस दौरान नवकुंडात्मक सहस्त्रचंडी महायज्ञ, भजन, हरिपाठ और भक्ति संगीत जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस मौके पर महाराष्ट्र पर छाए सूखे के संकट को दूर करने, किसान भाइयों के जीवन में सुख-समृद्धि आने और राज्य के हर नागरिक को सुख, शांति और समाधान मिलने के लिए देवी मां के चरणों में प्रार्थना की गई। भक्ति, परंपरा और संस्कृति की विरासत को सहेजते हुए डोंबिवलीवासियों की भारी भागीदारी में यह जागरण-गोंधळ मंगलमय माहौल में संपन्न हुआ।
