श्री कृष्ण गौशाला में एक शाम गौमाता के नाम विशाल भजन संध्या का आयोजन:

श्री कृष्ण गौशाला में एक शाम गौमाता के नाम विशाल भजन संध्या का आयोजन:

भजनों में गूंजी गायों की गुहार, भाव -विभोर हुए श्रद्धालु:

हिन्द सागर, बेंगलूरू: श्री कृष्ण गौसेवा आश्रम गोशाला, होसूर भण्डे परिसर में बुधवार को संत पुष्करदास महाराज के सान्निध्य में “एक शाम गौ माता के नाम” विशाल भजन संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ गौमाता की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। भजन गायक कैलाश पंवार ने गणेश स्तुति के साथ भजनों की प्रस्तुति प्रारंभ की। इसके बाद राजस्थान से पधारे भजन गायक डॉ. ओम मुडेल ने मायड़ भाषा में मधुर लोक भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को देर रात तक झूमने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने भजनों और कथाओं के माध्यम से गौमाता की महत्ता पर प्रकाश डाला। ओम मुडेल के प्रस्तुत भजन “गुरु मेहर करो“ धरूं आपरों ध्यान” इण दुनिया मै गौमाता भगवान कहीये” आव आव महरा कृष्ण कन्हैया गौ माता अरदास करे” जेसे भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर नृत्य करते नजर आए। पूरा परिसर गौमाता के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित गोभक्त समाजसेवी प्रकाश चौहान ने गौमाता के चारे के लिए एक विशाल शेड निर्माण करवाने की घोषणा की। वहीं समाजसेवी शोभाराम चोयल ने भी चारा हेतु शेड निर्माण का निर्णय लिया। भजन गायक ओम मुडेल ने सभी गौभक्तों से गौमाता के चारा-पानी के लिए सहयोग करने का आह्वान किया। कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गोसेवा के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किया। संत पुष्करदास महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले सप्ताह गौशाला में आग लगाने की घटना अत्यंत निंदनीय है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने सभी गौभक्तों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी ने बढ़-चढ़कर गौसेवा में सहयोग दिया, जो सराहनीय है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यापारी को अपने व्यवसाय में किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता हो, तो वे सदैव उनके साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे किसी की दुकान बंद नहीं होने देंगे, बल्कि उसे आगे बढ़ाने में सहयोग करेंगे। गोसेवार्थ के लिए हैदराबाद, राजस्थान, कोयंबतूर, सूरत, पूना, मुम्बई, तिरुपति, बैंगलोर के सभी महिला भजन मंडली, जैन समाज, विष्णु समाज, और गौशाला के आस पास सभी एरिया का पूरा सहयोग मिला, सभी सनातन धर्म के संगठनो, कन्नड़ समाज, कन्नूर ग्राम पंचायत एवं सभी राजस्थानी समाज के संस्थाओं का सहयोग रहा। अंत में गोशाला ट्रस्ट की ओर से अतिथियों, कलाकारों एवं दानदाताओं का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन मोहन सीरवी ने किया।