- भिवंडी में “टोरेंटचा बाप्पा” के 20 वर्ष पूर्ण भक्ति, संस्कृति और जनसहभागिता का भव्य उत्सव ।
ठाणे : महावितरण की ओर से भिवंडी में वर्ष 2007 से विद्युत वितरण फ्रेंचाइजी के रूप में कार्यरत टोरेंट पावर लिमिटेड ने अपने वार्षिक गणेशोत्सव “टोरेंट चा बाप्पा” के 20वें वर्ष का उत्सव श्रद्धा, उत्साह और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया। पिछले दो दशकों में टोरेंट पावर ने केवल विद्युत वितरण सेवाएं प्रदान करने तक स्वयं को सीमित न रखते हुए विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सामुदायिक पहलों के माध्यम से भिवंडी के नागरिकों के साथ मजबूत संबंध स्थापित किए हैं। गणेशोत्सव, रमजान इफ्तार, जन्माष्टमी दहीहांडी, रक्तदान शिविर, वृद्धाश्रमों में उत्सव आयोजन, कुपोषित आदिवासी बच्चों के लिए पोषण कार्यक्रम, नशा छुड़ाने पर सत्र तथा विभिन्न जनजागृति एवं सामुदायिक गतिविधियां इस प्रतिबद्धता का हिस्सा रही हैं। “टोरेंट चा बाप्पा” उत्सव के 20 वर्ष के पांच दिवसीय इस उत्सव में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं एवं नागरिकों ने भगवान गणेश के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उत्सव के दौरान भिवंडी निजामपुर शहर महानगरपालिका के अधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिकों ने गणेश मंडप का दौरा किया। इस अवसर पर टोरेंट पावर के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका दिल से स्वागत किया। उत्सव के अंतर्गत कर्मचारियों के लिए विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस वर्ष की विशेष आकर्षण प्रतियोगिता “पांच मंदिर, पांच कहानियां, एक उत्सव” रही, जिसमें प्रतिभागी टीमों ने वरदविनायक (महाड), महागणपति (रांजणगांव), विघ्नेश्वर (ओझर), चिंतामणि (थेऊर) तथा गिरिजात्मज (लेण्याद्री) मंदिरों की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत को रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदर्शित किया। इसके अतिरिक्त पर्यावरण-अनुकूल गणेश प्रतिमा निर्माण, रंगोली, गायन एवं नृत्य प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया, जिनमें कर्मचारियों और उनके परिवारजनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता दर्ज की।
इस अवसर पर टोरेंट पावर के जनसंपर्क अधिकारी ने कहा:
“पिछले 20 वर्षों में ‘टोरेंटचा बाप्पा’ गणेशोत्सव का आयोजन कंपनीद्वारा किया जा रहा है। इस उत्सव के माध्यम से हम भारत की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और विविधता का उत्सव मनाने के साथ-साथ समाज के साथ अपने जुड़ाव को और सशक्त बनाने का प्रयास करते हैं। भिवंडीवासियों से प्राप्त स्नेह और सहयोग ही इस आयोजन की सबसे बड़ी सफलता है।”
