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भारत-इंडोनेशिया संसदीय मैत्री समूह के नेतृत्व की जिम्मेदारी, गौरव की बात – डॉ. क्रैंकशाइंडे
रामकुमार
डोंबिवली: अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना हमेशा सम्मान की बात है। भारत-इंडोनेशिया संसदीय मैत्री समूह के नेतृत्व की जिम्मेदारी, सांसद प्रतिनिधि डॉ. श्रीकांत शिंदे ने अपने एक्स पोस्ट के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, संचार अध्यक्ष ओम बिरला और संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू के प्रति हृदय से संवाद किया है। श्रीकांत शिंदे ने कहा कि मेरे लिए, मेरी पार्टी और महाराष्ट्र के सभी नागरिकों के लिए अत्यंत गौरव का संदेश है। ऐसे मंच भारत के हितों और हितों को और मजबूत बनाएंगे तथा हमारे लोकतांत्रिक, संसदीय और जन-से-जन को मजबूत बनाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि वे भारत और इंडोनेशिया के बीच सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक एकजुटता और विचारधारा बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य करेंगे। यह दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग को नई गति देने के साथ-साथ भारत की वैश्विक उपस्थिति को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी। इन मैत्री कम्युनिस्ट पार्टी के अधीन डेमोक्रेट कम्युनिस्ट कम्युनिस्ट शिंदे को इंडोनेशिया से संबद्ध संसदीय मैत्री समूह का नेतृत्व सौंपा गया है। 39 साल के सबसे युवा नेता होंगे, जो कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की नई और ऊर्जावान राजनीतिक पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करेंगे। इसके पहले ऑपरेशन सिन्दूर के तहत विभिन्न राजनीतिक सांकेतिक संप्रदायों को शामिल किया गया था, जिसमें एक उच्चस्तरीय सर्वदलीय संसदीय समिति की स्थापना की गई थी, जिसका नाम नेतृत्व डॉ. डॉ. था। श्रीकांत शिंदे ने किया। इस एलिन्टेंट ने यूनाइटेड अरब एअमीथिया, सिएरा लियोन, लाइबेरिया और कांगो डेमोक्रेटिक रिपब्लिक का दौरा किया। इन सभी देशों में उन्होंने ऑपरेशन सिन्दूर को लेकर भारत का पक्ष रखा और स्पष्टता के साथ प्रस्तुत किया। डॉ. साइंटिस्ट शिंदे बीजेपी के तीन बार के युवा न्यूनतम और संसदीय दल के नेता हैं, जो विपक्ष में महाराष्ट्र से जुड़े गठबंधन को प्रभावी ढंग से सदन के सामने रखे हुए हैं। उनकी इसी क्षमता और सक्रिय भूमिका को देखते हुए ओबामा ने एक पूर्ण विश्वास के साथ उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।
