कांग्रेस ने नक्सलवाद की बीमारी पैदा की, हमने उसका इलाज किया – श्रीकांत शिंदे

  • कांग्रेस ने नक्सलवाद की बीमारी पैदा की, हमने उसका इलाज किया – श्रीकांत शिंदे
  • एक गांव से उठा नक्सलवाद पूरे देश में फैल गया, कांग्रेस के कमजोर नेतृत्व पर साधा निशाना
  • नक्सलवाद से मुक्त गढ़चिरोली बना भारत का नया स्टील हब 
  • नक्सल मुक्त भारत के सूत्रधार अमित शाह – श्रीकांत शिंदे ने की गृहमंत्री की प्रशंसा ।

नई दिल्ली : शिवसेना संसदीय दल के नेता डॉ. श्रीकांत शिंदे ने लोकसभा में नियम १९३ के अंतर्गत देश को वामपंथी उग्रवाद से मुक्त करने के प्रयासों पर चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीतिगत कमजोरियों के कारण देश में नक्सलवाद बढ़ा, जिस पर अंकुश लगाने का काम वर्तमान सरकार ने किया है। श्रीकांत शिंदे ने कहा कि एक छोटे से गांव से शुरू हुआ नक्सलवाद पूरे देश में फैल गया और कांग्रेस सरकार उसे रोकने में नाकाम रही। शिवसेना की ओर से चर्चा की शुरुआत करते हुए उन्होंने सबसे पहले नक्सल हिंसा के सभी पीड़ितों को नमन किया तथा जवानों और पुलिसकर्मियों का आभार व्यक्त किया। श्रीकांत शिंदे ने इस दौरान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के की प्रशंसा करते हुए कहा कि माननीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक वर्ष पहले सदन में घोषणा की थी कि ३१ मार्च से पहले देश से नक्सलवाद समाप्त करने का प्रयास किया जाएगा, और उसी समयसीमा के भीतर माओवादी और नक्सलवाद को खत्म करने की दिशा में ठोस काम हुआ है। यह विपक्ष के लिए करारा जवाब है, जो कहते थे कि नक्सलवाद समाप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने आगे कहा कि यदि कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में प्रभावी कदम उठाए होते, तो आज नक्सलवाद जैसी समस्या देश के सामने नहीं होती। शिंदे ने बताया कि वर्ष १९६७ में पश्चिम बंगाल के छोटे से गांव नक्सलबाड़ी से शुरू हुआ यह आंदोलन धीरे-धीरे १२ राज्यों और २०० जिलों तक फैल गया। यदि समय पर कार्रवाई होती, तो इसे वहीं रोका जा सकता था। लेकिन सरकार के प्रति विश्वास की कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण गरीब और पिछड़े वर्ग के लोग हथियार उठाने को मजबूर हुए। उन्होंने कहा कि आज एक आदिवासी महिला देश के सर्वोच्च पद पर विराजमान है और वर्तमान सरकार ने आदिवासी व पिछड़े वर्ग का विश्वास जीता है। रेड कॉरिडोर को खत्म कर “ग्रोथ कॉरिडोर” में बदलने का काम किया गया है। श्रीकांत शिंदे ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सरकार मजबूत नहीं, बल्कि मजबूर थी। राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी और कमजोर नीतियों के कारण ४५ वर्षों में नक्सलवाद बढ़ता गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष की कमजोरियों का फायदा पाकिस्तान ने उठाया। वर्ष २०१२ में पश्चिम बंगाल के डीजीपी स्तर की चर्चाओं में यह खुलासा हुआ था कि माओवादी तत्वों ने पाकिस्तानी आतंकी संगठनों, आईएसआई और सिमी के साथ गठजोड़ किया था। इस तरह देश को कमजोर करने की साजिश चल रही थी और कांग्रेस सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किया। श्रीकांत शिंदे ने कहा कि कांग्रेस की कमजोर इच्छाशक्ति के कारण निर्दोष नागरिकों और जवानों को अपनी जान गंवानी पड़ी, जबकि पिछले ११ वर्षों में वर्तमान सरकार ने इन समस्याओं का समाधान किया है। उन्होंने बताया कि जहां कांग्रेस ने युवाओं को नक्सलवाद की ओर धकेला, वहीं वर्तमान सरकार ने गढ़चिरोली में ५ हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया। आज देशभर में १० हजार से अधिक नक्सलियों ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने का निर्णय लिया है। साल २०२५ के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ३१७ नक्सली मारे गए, ८६२ गिरफ्तार हुए और १९०० ने आत्मसमर्पण किया।२०२४ – २५ के दौरान २८ बड़े नक्सली नेता मारे गए, जिनमें ६ सेंट्रल कमेटी के सदस्य शामिल थे। वर्ष २०२६ के पहले तीन महीनों में ही ६३० कैडर ने हिंसा का रास्ता छोड़ दिया है। श्रीकांत शिंदे ने आगे कहा कि जब कुख्यात नक्सली माड़वी हिडमा को सुरक्षा बलों ने मार गिराया, तब कांग्रेस नेताओं ने उसे फर्जी मुठभेड़ बताया, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने महाराष्ट्र के गढ़चिरोली और नंदुरबार जिलों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष २००१४ से २०१९ के बीच राज्य में १५०० नक्सली हमले हुए, जिनमें ५३६ लोगों की जान गई। लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि जो गढ़चिरोली कभी नक्सलवाद के लिए जाना जाता था, वह आज स्टील हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। २०१४ में जहां महाराष्ट्र में ५५० नक्सली कैडर सक्रिय थे, वहीं २०२६ में यह संख्या घटकर ५६ रह गई है। गढ़चिरोली और गोंदिया में अब केवल २४ सक्रिय नक्सली बचे हैं और हिंसा की दर भी न्यूनतम स्तर पर आ गई है। उन्होंने निष्कर्ष में कहा कि वर्तमान सरकार ने नक्सलवाद को खत्म कर विकास का नया रास्ता खोला है और देश को सुरक्षित व समृद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।