आदिवासी क्षेत्र के शिक्षकों के वेतनमान का मुद्दा हल, सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के प्रयास लाए रंग ।

  • आदिवासी क्षेत्र के शिक्षकों के वेतनमान का मुद्दा हल, सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के प्रयास लाए रंग ।
ठाणे :  ठाणे जिले के आदिवासी क्षेत्रों में कार्यरत प्राथमिक शिक्षकों को एकस्तर (S-14) प्रमोशन योजना के तहत पदोन्नति पद का वेतनमान देने का डेढ़ साल से लंबित मामला आखिर सुलझ गया है। कल्याण लोकसभा सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के लगातार फॉलोअप के बाद जिला परिषद ठाणे के शिक्षा विभाग ने संबंधित पंचायत समितियों के गटशिक्षणाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले से शहापुर, मुरबाड, भिवंडी, कल्याण और अंबरनाथ के हजारों पात्र शिक्षकों को लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है। महाराष्ट्र राज्य शिक्षक व शिक्षकेतर सेना, ठाणे जिला ने 24 अक्टूबर 2026 को सांसद डॉ. शिंदे को ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में बताया गया था कि आदिवासी क्षेत्र में कार्यरत होने के बावजूद शिक्षक शासन के प्रावधान के अनुसार वेतनमान से वंचित हैं। इस पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए डॉ. शिंदे ने 26 अक्टूबर को जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को पत्र लिखकर तुरंत कार्रवाई की मांग की थी। सामान्य प्रशासन विभाग के 6 अगस्त 2002 के शासन निर्णय और 29 फरवरी 2024 के परिपत्रक के अनुसार, आदिवासी क्षेत्र में कार्यरत ग्रुप ‘अ’ से ‘ड’ तक के पात्र कर्मचारियों को मूल पद के निकट की वरिष्ठ वेतनश्रेणी या पदोन्नति पद की वेतनश्रेणी देने का प्रावधान है। नाशिक, नंदुरबार, अमरावती, अहिल्यानगर और पुणे जिला परिषदों में यह लाभ दिया जा चुका है। इसी को आधार बनाते हुए जिला परिषद ठाणे के शिक्षा विभाग ने 27 अक्टूबर को संबंधित अधिकारियों को शासन निर्णय के अनुसार कार्रवाई करने का पत्र जारी किया है। इस मुद्दे के लिए विधायक किशोर दराडे, मनीषा कायंदे, दिलीप डुंबरे तथा शिक्षक सेना के सुनील फापाळे, राजेश वेखंडे, बाबाजी फापाळे, किशोर दिनकर, निरंजन पटवर्धन, नंदू पानसरे और पुरानी पेंशन संगठन के प्रवीण बडे ने भी लगातार प्रयास किया था।