पूर्व भाजपा विधायक नरेंद्र पवार एक महीने से फरार, 6 पुलिस टीमें तलाश में जुटीं, अग्रिम जमानत खारिज । कल्याण : कल्याण पश्चिम के पूर्व भाजपा

  • पूर्व भाजपा विधायक नरेंद्र पवार एक महीने से फरार, 6 पुलिस टीमें तलाश में जुटीं, अग्रिम जमानत खारिज ।
कल्याण : कल्याण पश्चिम के पूर्व भाजपा विधायक नरेंद्र पवार के खिलाफ दर्ज सामूहिक दुष्कर्म के मामले में एक महीने से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। आरोपी की तलाश के लिए पडघा पुलिस ने 6 विशेष टीमें बनाई हैं जो अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस के अनुसार 22 वर्षीय विवाहित महिला ने शिकायत दर्ज कराई है कि पति से विवाद सुलझाने में मदद के बहाने उसे कार्यालय बुलाया गया। 13 सितंबर को उसे भिवंडी तालुका के बापगांव स्थित एक फार्महाउस पर ले जाया गया, जहां हथियार दिखाकर डराने और जबरन शराब पिलाने के बाद सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इस मामले में पूर्व विधायक नरेंद्र पवार और बर्खास्त पुलिस कर्मचारी शैलेश पाटील के खिलाफ पडघा थाने में भारतीय न्याय संहिता के तहत गैंगरेप, हथियार के बल पर धमकाने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पीड़िता ने पहले कांग्रेस नगरसेविका कांचन कुलकर्णी से इंस्टाग्राम पर संपर्क किया और वीडियो व व्हाट्सएप चैट के सबूत दिखाए, जिसके बाद उन्हें लेकर पडघा थाने पहुंची। DGP सदानंद दाते के हस्तक्षेप के बाद FIR दर्ज की गई।
गिरफ्तारी से बचने के लिए नरेंद्र पवार ने भिवंडी अतिरिक्त जिला सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की थी, जिसे न्यायाधीश ए. ए. कारंडे ने 29 सितंबर को खारिज कर दिया। इसके बाद से उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक पंकज गिरी के अनुसार दोनों आरोपियों के ज्ञात ठिकानों, रिश्तेदारों के घरों, रेलवे स्टेशनों और एयरपोर्ट पर भी तलाश की जा रही है। कई रिश्तेदारों को समन देकर पूछताछ भी की गई है, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं लगा है। एक महीने से अधिक समय तक गिरफ्तारी न होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। इस मामले को लेकर कांग्रेस ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया था। कांग्रेस की नगरसेविका कांचन कुलकर्णी ने नरेंद्र पवार को गिरफ्तार नहीं किए जाने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी थी। हालांकि, एक महीने से अधिक समय बीतने के बावजूद अब तक आंदोलन नहीं किए जाने को लेकर कांग्रेस और कांचन कुलकर्णी की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं ?