- पीएम मोदी की ‘ब्रेकफास्ट पॉलिटिक्स’, पवार गुट के 8 सांसदों से होगी मुलाकात ।
मुंबई : महाराष्ट्र की सियासत में पिछले कई दिनों से हलचल है. पीएम मोदी सोमवार को शरद पवार गुट के सांसदों से मुलाकात करेंगे.हालांकि, एनसीपी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले पहले ही यह साफ कर चुकी हैं कि इस बैठक में महाराष्ट्र के मुद्दों पर चर्चा होगी. सुले ने अपने बयान में कहा, ‘पीएम मोदी ने सोमवार को एनसीपी सांसदों से मिलने पर सहमति जताई है ताकि सांसद अपने क्षेत्र से जुड़े मुद्दे उनके साथ डिस्कस कर पाएं. चूंकि संसद नहीं चल रही है इसलिए हमने एक मीटिंग की मांग उठाई थी.’ लेकिन संभावना जताई जा रही है कि इस बैठक में परिसीमन बिल पर दोनों पार्टियों के बीच चर्चा हो सकती है. विपक्ष ने महिलाओं के आरक्षण को लागू करने से जुड़ी सरकार की प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया पर चिंता जताई है. PM से एनसीपी (एसपी) सांसदों की मीटिंग पवार और सुले की मोदी से मीटिंग के बाद होगी, जिसके बाद सुले और केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी के मुख्य रणनीतिकार अमित शाह के बीच एक और बैठक हुई थी.पिछले दिनों, एनसीपी के वर्किंग प्रेसिडेंट प्रफुल पटेल और डिप्टी चीफ मिनिस्टर सुनेत्रा पवार के बेटे और राज्यसभा सांसद पार्थ पवार ने भी शरद पवार से मुलाकात की थी. एनसीपी के दोनों ही धड़े विलय के किसी भी प्लान की संभावना से इनकार कर चुके हैं. दलों का कहना है कि इसका कोई सवाल ही नहीं उठता. एनसीपी (एसपी) के लोकसभा में सुप्रिया सुले को मिलाकर 8 सदस्य हैं. जबकि शरद पवार राज्यसभा के सदस्य हैं. इस बैठक से पहले महाविकास अघाड़ी की पार्टियों में एक अजीब से बेचैनी पसरी हुई है. इसमें कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) शामिल है. ये दोनों ही पार्टियां इंडिया गठबंधन का भी हिस्सा हैं. इस मामले पर शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि उन्होंने सुले से बात की है. उन्होंने कहा,’हम सब एमवीए का हिस्सा हैं. पवार साहब हमारे गाइडिंग फोर्स हैं. एमवीए में कोई कन्फ्यूजन नहीं है, कोई भी एनवीए छोड़कर नहीं जा रहा है.’ वहीं दूसरी ओर कांग्रेस का कहना है कि अगर यह बैठक महाराष्ट्र के लिए है तो शुभकामनाएं हैं. पार्टी के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि वे बार-बार मोदी-शाह के दरबार में क्यों जा रहे हैं.’ उन्होंने कहा, पता नहीं एनसीपी (एसपी) का परिसीमन बिल पर क्या स्टैंड होगा. कांग्रेस ने एनसीपी (एसपी) से कहा है कि वह पीएम मोदी के साथ बैठक के दौरान इंडिया ब्लॉक का स्टैंड साफ कर दे और बता दे कि प्रस्तावित परिसीमन बिल को महिला आरक्षण के मुद्दे से लिंक नहीं किया जाना चाहिए. संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026, जिसे 16 अप्रैल को लोकसभा में पेश किया गया था, का मकसद निचले सदन की सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करना और 2023 में पारित महिला आरक्षण विधेयक को तेजी से लागू करना था.हालांकि, यह बिल संसद में मौजूद और वोट देने वाले सदस्यों के बीच संविधान के तहत ज़रूरी दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका और बजट सत्र के बढ़ाए गए समय के दौरान भी पास नहीं हो पाया. कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियां महिला आरक्षण कानून का समर्थन तो करती हैं, लेकिन इसे परिसीमन (delimitation) से जोड़ने के पक्ष में नहीं हैं, जिसमें लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाना और चुनाव क्षेत्रों की सीमाओं को फिर से तय करना शामिल है. इस मामले पर महाराष्ट्र NCP (SP) के अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने कहा कि अगर केंद्र सरकार यह भरोसा दिलाए कि बिल का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए नहीं किया जाएगा, तो पार्टी को इस पर चर्चा करने में कोई आपत्ति नहीं है. वहीं, NCP (SP) के विधायक रोहित पवार ने कहा कि संसद में NCP (SP) के सभी सांसद इस कानून का विरोध करेंगे और जब बिल पर चर्चा होगी, तो कोई भी सांसद वोटिंग से दूर नहीं रहेगा. हालांकि, NCP (SP) के विधायक रोहित पवार ने कहा कि उनकी पार्टी इस बिल का विरोध करेगी और पार्टी के सभी सांसद इसके खिलाफ वोट करेंगे.पवार ने कहा, ‘परिसीमन (डिलिमिटेशन) तो बस एक नाम है. इसकी आड़ में वार्ड और प्रभाग की सीमाओं में बदलाव करके विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों की सीमाओं को फिर से तय करने की कोशिश की जा रही है. अगर ऐसा हुआ, तो देश में लोकतंत्र नहीं बचेगा. BJP 2016 से ही इस पर काम कर रही है.’ इस बीच, रविवार को NCP (SP) के सीनियर नेता जयंत पाटिल और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस एक ही कमर्शियल फ्लाइट से कोल्हापुर गए और उन्हें एक साथ विमान से उतरते हुए देखा गया. पाटिल के करीबी लोगों ने इसे महज़ एक इत्तेफाक बताया. NCP (SP) के एक नेता ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, ‘पाटिल अपने गृहनगर जा रहे थे, जबकि CM फडणवीस अपने दौरे के सिलसिले में कोल्हापुर जा रहे थे. यह महज़ एक इत्तेफाक था कि वे एक ही फ़्लाइट में थे.’ हालांकि पाटिल ने पिछले महीने फडणवीस से मुलाक़ात की थी, लेकिन ऐसी अटकलें थीं कि उस बैठक में NCP के दो सीनियर नेता – प्रफ़ुल पटेल और सुनील तटकरे – भी मौजूद थे, और BJP पार्टी के दोनों गुटों को फिर से एक करने की कोशिशों का समर्थन कर रही थी ।
