- आर्थिक परेशानी की वजह से एक भी बच्चा सर्जरी से वंचित नहीं रहेगा; एक हजार सर्जरी का लक्ष्य जल्द पूरा करेंगे!
- सर्जरी सफल हुए बच्चों के दिवाली स्नेह मिलन में उपमुख्यमंत्री शिंदे की गारंटी
- श्रीनगर के 72 बच्चों के इलाज की भी ली जिम्मेदारी
- सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे और मंगेश चिवटे के काम की की विशेष सराहना
मुंबई ; किसी भी बच्चे को आर्थिक परेशानी की वजह से जरूरी सर्जरी से वंचित नहीं रहना पड़ेगा। कॉक्लियर इम्प्लांट, हृदय सर्जरी सहित लंबित एक हजार सर्जरी जल्द पूरी की जाएंगी। श्रीनगर के 72 बच्चों की सर्जरी की जिम्मेदारी भी ली है और इलाज में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी, यह ठोस गारंटी उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दी। हृदय सर्जरी और कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी सफल हुए बच्चों और उनके माता-पिता के लिए आयोजित दिवाली स्नेह मिलन में वे बोल रहे थे। सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे और मंगेश चिवटे की पहल पर दिवाली के पहले ही दिन आयोजित इस अनोखे कार्यक्रम की उन्होंने सराहना की। इस साल की दिवाली किसानों के लिए संकट की रही, तब इन बच्चों के साथ दिवाली मनाने का आनंद ही अलग है, ऐसा उन्होंने कहा। 11 परिवारों ने सुनाए अनुभव दिल को छूने वाले थे। बच्चों को सुनाई नहीं देता, बोल नहीं पाते या दिल में छेद है, यह पता चलने पर माता-पिता पर होने वाला मानसिक आघात शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता, ऐसा वे भावुक होकर बोले। डॉ. श्रीकांत शिंदे फाउंडेशन, आरोग्यदूत फाउंडेशन और मंगेश चिवटे की चिकित्सा सहायता टीम पिछले नौ साल से लगातार मरीजों की सेवा कर रही है। मरीज का निदान, अस्पताल में भर्ती, सर्जरी, एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था और इलाज के बाद नियमित फॉलोअप, यह पूरी जिम्मेदारी यह टीम निभाती है। कॉक्लियर इम्प्लांट के बाद एक लड़की का चयन IIT में, तो दूसरे का ISRO में हुआ। आदित्य ठोसरे ने कॉक्लियर इम्प्लांट के अनुभव पर आधारित ‘माय वर्ल्ड ऑफ साउंड’ पुस्तक लिखी है। ठाणे महानगरपालिका में कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी सफल हुए बच्चों ने नाटक प्रस्तुत किया, उसकी भी शिंदे ने सराहना की और उनके कलागुणों को बढ़ावा देने का आह्वान किया। ठाणे महानगरपालिका में पहले मुख्यमंत्री सहायता निधि से करीब 50 से 60 करोड़ की मदद देकर ये महंगी सर्जरी की गईं। अब ठाणे में शुरू हुई अर्ली डिटेक्शन व्यवस्था अन्य महानगरपालिकाओं में भी शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से चर्चा करेंगे, ऐसा उन्होंने बताया। लिवर ट्रांसप्लांट, कैंसर इलाज सहित ठाणे में पूरी तरह कैशलेस इलाज की सुविधा वाले अस्पताल बनाए हैं, ऐसा शिंदे ने इस मौके पर बताया। धर्मवीर आनंद दिघे ने शुरू किया 31 दिसंबर की आधी रात का रक्तदान शिविर आज भी जारी है और कई रक्तदाता इसमें हिस्सा लेते हैं। ठाणे में कुछ साल पहले नवरात्रोत्सव में आयोजित रक्तदान शिविर में 11 हजार रक्तदाताओं ने हिस्सा लिया था। पहलवान चंद्रहार पाटिल की पहल पर कश्मीर के सैन्य अस्पताल में लगातार दो साल, हर साल एक हजार रक्तदाताओं ने रक्तदान किया है। कोविड के साथ ही केरल, कोल्हापुर और सांगली की बाढ़ में भी डॉक्टरों की टीम मदद के लिए दौड़ी, ऐसा शिंदे ने इस मौके पर बताया। इस कार्यक्रम में सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे, उपमुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कक्ष के प्रमुख मंगेश चिवटे, जुपिटर हॉस्पिटल के डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. अमोल गीते, डॉ. रमेश काझगी, डॉ. श्रीनिवास, डॉ. उपल, डॉ. आशीष भुमकर, डॉ. ऋषिकेश वैद्य, डॉ. सुधीर कदम, डॉ. आदित्य मानके, डॉ. निखिल जाधव, डॉ. मिनी बोधनीवाला, डॉ. जितेंद्र हरियान, डॉ. संतोष शेट्टी, डॉ. नीरज उत्तम, डॉ. मनोज सिंगल सहित विभिन्न मीडिया के प्रतिनिधि, इलाज कराए बच्चों के माता-पिता और गणमान्य उपस्थित थे।

Post Views: 267