डॉक्टरों पर हमले के मामले में रमेश म्हात्रे की जमानत रद्द, हाईकोर्ट ने डॉक्टरों से हड़ताल वापस लेने की अपील ।

  • डॉक्टरों पर हमले के मामले में रमेश म्हात्रे की जमानत रद्द, हाईकोर्ट ने डॉक्टरों से हड़ताल वापस लेने की अपील ।

मुंबई : मुंबई उच्च न्यायालय ने शनिवार को विशेष सुनवाई करते हुए डॉक्टरों पर हमले के मामले में शिवसेना (शिंदे गुट) के नगरसेवक रमेश म्हात्रे को मिली जमानत रद्द कर दी। कल्याण की दंडाधिकारी अदालत द्वारा दिए गए जमानत आदेश पर स्वतः संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने यह फैसला सुनाया। इसके साथ ही मामले के अन्य चार आरोपियों की जमानत भी रद्द कर दी गई। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखाड की खंडपीठ ने कहा कि आरोपी रमेश म्हात्रे और अन्य लोगों ने नगर निगम अस्पताल में घुसकर तीन डॉक्टरों के साथ गंभीर मारपीट की थी। अदालत ने टिप्पणी की कि दंडाधिकारी अदालत ने मामले की गंभीरता को पर्याप्त महत्व नहीं दिया और आरोपी के आपराधिक इतिहास तथा घटना के व्यापक प्रभाव पर विचार नहीं किया। खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि इस घटना का असर केवल पीड़ित डॉक्टरों तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी और मनपा अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सा कर्मियों के मनोबल पर भी पड़ा है। अदालत ने यह भी पाया कि जमानत आदेश में आरोपी को जांच में सहयोग करने या नियमित रूप से पुलिस स्टेशन में हाजिरी लगाने जैसी कोई शर्त नहीं लगाई गई थी। हाईकोर्ट ने रमेश म्हात्रे को 19 जुलाई शाम 5 बजे तक डोंबिवली पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि यदि वह आत्मसमर्पण नहीं करते हैं तो पुलिस को उनकी संपत्ति कुर्क करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने की स्वतंत्रता होगी। इस बीच, रमेश म्हात्रे और अन्य आरोपियों को जमानत मिलने के विरोध में महाराष्ट्र के डॉक्टर संगठनों ने 22 जुलाई से राज्यव्यापी कामबंद आंदोलन की घोषणा की थी। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने डॉक्टरों से समाज और मानवता के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए हड़ताल के निर्णय पर पुनर्विचार करने की अपील की। मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी। सुनवाई में अधिवक्ता निरंजन मुंदार्गी ने एमिकस क्यूरी के रूप में सहायता की, जबकि राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता मिलिंद साठे और मुख्य सरकारी वकील शिशिर हिरे ने पक्ष रखा।