किसान संकट में तो उत्सव नहीं -डॉ. श्रीकांत शिंदे ने रद्द किया ‘रासरंग’

  • किसान संकट में तो उत्सव नहीं -डॉ. श्रीकांत शिंदे ने रद्द किया ‘रासरंग’
  • दांडिया का खर्च किसानों के नाम, श्रीकांत शिंदे ने चुना अन्नदाता का साथ
  • किसानों की मदद के लिए इस साल ‘रासरंग’ डांडिया उत्सव रद्द
डोंबिवली : महाराष्ट्र के कई हिस्सों में अनियमित बारिश के कारण फसलों को हुए नुकसान और किसानों के सामने खड़े आर्थिक संकट को देखते हुए कल्याण लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने इस साल डोंबिवली का भव्य ‘रासरंग दांडिया उत्सव-२०२६’ रद्द करने का फैसला लिया है।उत्सव के आयोजन पर होने वाला खर्च अब संकटग्रस्त किसानों की मदद के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इसकी जानकारी शिवसेना विधायक राजेश मोरे ने गुरुवार को पत्रकार परिषद में दी। डोंबिवली के नवदुर्गा मित्र मंडल और डॉ. श्रीकांत शिंदे फाउंडेशन की ओर से हर साल डी.एन.सी. स्कूल मैदान में रास रंग दांडिया उत्सव का आयोजन किया जाता है। इसमें डोंबिवली के साथ कल्याण-डोंबिवली, ठाणे, उल्हासनगर, अंबरनाथ और आसपास के हजारों नागरिक शामिल होते हैं। इस साल किसानों की मुश्किल स्थिति को देखते हुए उत्सव पर खर्च करने के बजाय यह राशि किसान परिवारों की मदद के लिए दी जाएगी। नवदुर्गा मित्र मंडल और डॉ. श्रीकांत शिंदे फाउंडेशन के माध्यम से भरीव आर्थिक सहायता देने की तैयारी है। किन क्षेत्रों में और किस स्वरूप में मदद दी जाएगी, इसका नियोजन जारी है। नुकसान ग्रस्त क्षेत्रों का जायजा लेने के बाद सहायता का स्वरूप तय किया जाएगा और जल्द इसकी विस्तृत जानकारी घोषित की जाएगी। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी हाल ही में अकोला, बुलढाणा सहित अन्य क्षेत्रों में किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं जानी हैं। उन्होंने संकटग्रस्त परिवारों को आर्थिक मदद के साथ बच्चों की शिक्षा, विवाह और अन्य पारिवारिक जरूरतों में सहायता देने की भूमिका रखी है। इस साल भले ही रास रंग का भव्य आयोजन नहीं होगा, लेकिन नवरात्र की परंपरा कायम रहेगी। साधारण तरीके से देवी की घटस्थापना, पूजा और आराधना की जाएगी। किसान संकट में हैं, ऐसे समय में उत्सव के बजाय अन्नदाता की मदद को प्राथमिकता देने का फैसला लिया गया है।