डॉक्टरों और नर्सों से मारपीट के आरोप में गिरफ्तार शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे की गिरफ्तारी के बाद तबीयत बिगड़ी , ठाणे के सिविल अस्पताल में कराया भर्ती ।

  • डॉक्टरों और नर्सों से मारपीट के आरोप में गिरफ्तार शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे की गिरफ्तारी के बाद तबीयत बिगड़ी , ठाणे के सिविल अस्पताल में कराया भर्ती ।

डोंबिवली : डोंबिवली के शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों के साथ कथित मारपीट के मामले में गिरफ्तार किए गए शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे की गिरफ्तारी के बाद तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उसे इलाज के लिए ठाणे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डोंबिवली के एसीपी सुहास हेमाडे ने बताया कि रमेश म्हात्रे को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत होने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित डॉक्टरों की मेडिकल रिपोर्ट मिलने और आवश्यक चिकित्सकीय अनुमति मिलने के बाद ही मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के मुताबिक, रमेश म्हात्रे को डोंबिवली के विष्णुनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 132 और 121(1) के तहत गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में अब तक कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उधर, घटना के विरोध में अस्पताल के डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल जारी रखी है। डॉक्टरों का आरोप है कि अस्पतालों में पूरी तरह कानून-व्यवस्था की अनदेखी हो रही है। विभिन्न चिकित्सा संगठनों ने भी राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने और घटना में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।डीसीपी अतुल जेंडे ने बताया कि घटना के बाद विष्णुनगर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई थी। उन्होंने कहा, ‘FIR दर्ज होने के बाद 3 आरोपियों को उसी रात गिरफ्तार कर लिया गया था। उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से 2 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया। इसके बाद चौथे आरोपी रमेश म्हात्रे को भी गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले में कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।’ एसीपी सुहास हेमाडे ने बताया कि यह विवाद एक गर्भवती महिला के इलाज को लेकर शुरू हुआ था। उनके अनुसार, महिला मरीज के साथ आए लोग इलाज को लेकर अस्पताल कर्मियों से उलझ गए। हेमाडे ने बताया कि इसके बाद आरोपियों ने ड्यूटी पर मौजूद एक डॉक्टर, एक महिला डॉक्टर और एक नर्स के साथ मारपीट की। उन्होंने बताया कि इतना ही नहीं, उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और धमकियां भी दी गईं। हेमाडे ने बताया कि पीड़ित डॉक्टर की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।