संपत्ति कर दरों में संशोधन का प्रस्ताव

मनपा को मिलेगा राजस्व बढ़ाने का रास्ता

मीरा-भाईंदर: मीरा-भाईंदर महानगरपालिका क्षेत्र में संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) की दरों में संशोधन को लेकर अहम प्रस्ताव सामने आया है। महानगरपालिका प्रशासन ने किराये पर दी गई व्यावसायिक संपत्तियों पर लागू कर निर्धारण प्रणाली में बदलाव करते हुए नई दरों को मंजूरी देने का प्रस्ताव महापालिका की महासभा के समक्ष रखा है।

प्रस्ताव के अनुसार, वर्ष 2018 से पहले मीरा-भाईंदर मनपा क्षेत्र में किराये पर दिए गए व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कर निर्धारण के लिए वार्षिक किराया राशि का 20 प्रतिशत घटाकर शेष राशि के आधार पर संपत्ति कर लगाया जाता था। साथ ही, इस मूल्यांकन पर विभिन्न करों की दरें लागू की जाती थीं।

हालांकि, इस कर प्रणाली के कारण किराये पर व्यवसाय करने वाले प्रतिष्ठानों पर प्रत्यक्ष रूप से अधिक कर का भार पड़ रहा था। इससे कर वसूली में असमानता उत्पन्न हो रही थी और मनपा को भी अपेक्षित राजस्व नहीं मिल पा रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए महासभा के पूर्व निर्णय के तहत अब बिना किसी फेरबदल के कर निर्धारण की नीति अपनाई गई है।

नए प्रस्ताव के अनुसार, किराये पर व्यवसाय करने वाले स्थायी प्रतिष्ठानों के लिए संपत्ति कर का निर्धारण अब वास्तविक वार्षिक किराया राशि अथवा न्यूनतम ₹1 प्रति वर्ग फुट (जो भी अधिक हो) के आधार पर किया जाएगा। इससे कर प्रणाली अधिक पारदर्शी और व्यावहारिक बनेगी।

मनपा प्रशासन ने बताया कि मीरा-भाईंदर क्षेत्र में लगातार जनसंख्या वृद्धि हो रही है। शहर रेल और बस मार्गों से मुंबई महानगर से जुड़ा हुआ होने के कारण बड़ी संख्या में लोग यहां आकर बस रहे हैं। इसके चलते आवासीय इमारतों, दुकानों और व्यावसायिक परिसरों की संख्या में तेज़ी से वृद्धि हो रही है, जिससे संपत्तियों के बाजार मूल्य में भी उल्लेखनीय इजाफा हुआ है।

तेज़ी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए महानगरपालिका द्वारा विभिन्न विकास परियोजनाएं शुरू की गई हैं। इसके लिए पहले लिए गए कर्ज़ की अदायगी और भविष्य की विकास योजनाओं के लिए स्थायी राजस्व स्रोतों को मजबूत करना आवश्यक बताया गया है। प्रशासन का मानना है कि संपत्ति कर में संशोधन से मनपा की आय में बढ़ोतरी होगी, जिससे शहर के विकास कार्यों को गति मिलेगी।