भारत–इंडोनेशिया संसदीय मैत्री समूह के नेतृत्व की जिम्मेदारी मिलना गर्व की बात — डॉ. श्रीकांत शिंदे 

  • भारत–इंडोनेशिया संसदीय मैत्री समूह के नेतृत्व की जिम्मेदारी मिलना गर्व की बात — डॉ. श्रीकांत शिंदे 

प्रमोद कुमार 

डोंबिवली : अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना हमेशा सम्मान की बात होती है। भारत–इंडोनेशिया संसदीय मैत्री समूह के नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपे जाने पर शिवसेना सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने अपने एक्स पोस्ट के जरिए माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, माननीय लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला तथा माननीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है।श्रीकांत शिंदे ने आगे कहा की मेरे लिए, मेरी पार्टी और महाराष्ट्र के सभी नागरिकों के लिए अत्यंत गर्व का क्षण है। ऐसे मंच भारत के कूटनीतिक हितों को और मजबूत करेंगे तथा हमारे लोकतांत्रिक, संसदीय और जन-से-जन संबंधों को और गहरा करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि वे प्रतिनिधिमंडल में शामिल विभिन्न राजनीतिक दलों के सभी सांसदों के साथ मिलकर भारत और इंडोनेशिया के बीच सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक साझेदारी को और सशक्त बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य करेंगे। यह पहल दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग को नई गति देने के साथ-साथ भारत की वैश्विक उपस्थिति को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इन मैत्री समूहों के तहत शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे को इंडोनेशिया से जुड़े संसदीय मैत्री समूह का नेतृत्व सौंपा गया है। ३९ वर्षीय श्रीकांत शिंदे इस प्रतिनिधिमंडल में सबसे युवा नेता होंगे, जो अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की नई और ऊर्जावान राजनीतिक पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करेंगे। इससे पहले ऑपरेशन सिंदूर के तहत विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों को शामिल करते हुए एक उच्चस्तरीय सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल गठित किया गया था, जिसका नेतृत्व सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने किया। इस प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त अरब अमीरात, सिएरा लियोन, लाइबेरिया और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य का दौरा किया। इन सभी देशों में उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भारत का पक्ष मजबूती और स्पष्टता के साथ प्रस्तुत किया। डॉ. श्रीकांत शिंदे शिवसेना के तीन बार के युवा सांसद और संसदीय दल के नेता हैं, , जो लोकसभा में महाराष्ट्र से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से सदन के सामने रखते रहे हैं। उनकी इसी क्षमता और सक्रिय भूमिका को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने उन पर पूर्ण विश्वास जताते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।